धूप के पाँव
हर दिशा में मृग मरिचिकाऍं कैसे बचाएँ । 2 शुष्क रिश्तों-सी मुरझाई लताएँ खोजें आर्द्रता। 3 जल -अभाव पड़ने लगा प्रभाव समझे भाव । सीमा…
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हर दिशा में मृग मरिचिकाऍं कैसे बचाएँ । 2 शुष्क रिश्तों-सी मुरझाई लताएँ खोजें आर्द्रता। 3 जल -अभाव पड़ने लगा प्रभाव समझे भाव । सीमा…
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मन का पंछी पाने को पहचान भरे उड़ान । मन है देता जीवन आधार मंत्र अपार। मन की आंखे खोले हजारों द्वार करो विचार ।…
रचना पढ़ें : मन के द्वार
यादें मृदुल हर दर्द मिटा दें दे के संबल । जीवन बीता तेरी यादों के संग यूं भी संगम। ये इंतजार सिमटा ख़ामोशी में करता…
रचना पढ़ें : हाइकु
“यादें” आजकल चारों ओर फैले स्वाइन फ्लू को देख कर बरबस मुझे बीस बरस पुरानी यादों ने घेर लिया। परत दर परत मेरे ज़हन में…
रचना पढ़ें : यादें -हाइबन