क्षणिका
एक सत्य बेल से लिपटे सर्प-सा मन की देहरी –पे सरसराने लगा लम्बी खामोशी गूंजती रही फुंकार कुछ सर्प- बिल नहीं खोजा करते। स्मृतियों के…
रचना पढ़ें : क्षणिका
एक सत्य बेल से लिपटे सर्प-सा मन की देहरी –पे सरसराने लगा लम्बी खामोशी गूंजती रही फुंकार कुछ सर्प- बिल नहीं खोजा करते। स्मृतियों के…
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कुछ पाने की जिद्द बदल देती है आचार! व्यवहार! और संस्कार करती है बेचैन छीन लेती है चैन और जुनून कुछ कर गुजरने का देता…
रचना पढ़ें : दिशा
वक्त की धार बन कटार शब्दों के टुकड़े करती रही स्याही क्या लिखेगी हाइकु कहानी कविता एहसास के पन्नों पे हर स्याही रंग बदलती रही…
रचना पढ़ें : विविध
आदतें भी अजीब हुआ करती हैं....... बात करने की आदत दर्द सुनाने शिकायत करने तारिफ सुनने खुद को साबित करने इनकार इकरार प्यार करने मुस्कराने…
रचना पढ़ें : आदत
अपनी ही सोच का प्रवाह है- जिन्दगी इस क्षण नाम है -जिन्दगी कुदरत का करिश्मा है - जिन्दगी सांसो की लय है - जिन्दगी शब्दों…
रचना पढ़ें : जिन्दगी
प्रेम की बात निशब्द एहसास मौन स्वीकृति। डर के तार सोखते एहसास दर्द सलीब । सीमा स्मृति
रचना पढ़ें : हाइकु
खोज दीवानी आँखों साँसों रिश्ते-नातों जिन्दगी की बातों में इंसानों मकानों दुनिया की दुकानों में खोज रही कौन सी छवि सीमा स्मृति
रचना पढ़ें : क्षणिकाएँ
तेरी ख़ामोशी अल्हड़ नवेली-सी बनी पहेली । दर्द से मीठी ये ख़ामोशी की दवा स्वाद कड़वा । कौन सुनेगा ख़ामोशी की आवाज शोर के साज!…
रचना पढ़ें : ख़ामोशी