सीमा स्मृति का रचना संसार
होली आई रे !
है होली आई फागुनी पुरवाई ये मस्ती छाई। है राधा संग बरसाने के रंग कान्हा मलंग। ले पिचकारी मस्तानों की टोली है गाती होली ।…
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है होली आई फागुनी पुरवाई ये मस्ती छाई। है राधा संग बरसाने के रंग कान्हा मलंग। ले पिचकारी मस्तानों की टोली है गाती होली ।…
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