सीमा स्मृति का रचना संसार

ये कैसा सच

सब कुछ बदलते देख लिया रिश्‍ते-नाते लोग- व्‍यवाहर वक्‍त- प्‍यार रहन-सहन आचार विचार शरीर - आयु आधार -संस्‍कार बस नहीं, बदली तो---------- सिर्फ तेरी याद,…

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आशा

टिमटिमता आशा-दीप,कहे यही जिन्‍दगी। होगा सवेरा रोज कहे अंधेरा हो चक्र पूरा। दिखाई राह तुम साथ निभाना भूल न जाना। नयी हैं राहें कठिन है…

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सफर

लिखी जा सकती है एक लम्‍बी कविता बन्‍दर और मगरमच्‍छ की कहानी का कापी राइट लेकर मीठी, सुन्‍दर गहन----- कविता मैं तो केवल एहसासों को…

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सत्‍य

जंगल की आग की तरह तेरी याद मेरे अस्तित्‍व को झुलसाती है बीते वक्‍त का, हर लम्‍हा कैटालिस्‍ट बन मेरे वर्तमान की जड़े, झुलसाने लगा…

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‘यादें’

कहीं तस्वीर कहीं दिल में कैद यादें दीवानी। सरकंडों -सी चुभे,कभी फाहा हो सोखती दर्द । याद बादल नहीं,जो आए जाए थिर सूरज। चुने जो…

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बादल

1 ये मनचला ले धूप का आंचल उड़ता चला । 2 बिजली रानी है, इसकी दीवानी दोस्‍ती पुरानी । 3 बड़ा शैतान बनता है नादान…

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