‘यादें’

  1. कहीं तस्वीर

    कहीं दिल में कैद

    यादें दीवानी।
  2. सरकंडों -सी

    चुभे,कभी फाहा हो

    सोखती दर्द ।
  3. याद बादल

    नहीं,जो आए जाए

    थिर सूरज।
  4. चुने जो फूल

    अँजुरी भर लाई

    हुए ये शूल।
  5. सर्द शाम की

    तन्हाई में सिमटी

    खोजें बिछौना।
  6. साँसों -सी चले

    ये अंग -संग मग्न

    बदले रूप।
  7. ये ठिठकती

    सिकुड़ी पपड़ी -सी

    है कसकती। 
  8. फूल -सी खिली

    सिमटी महक -सी

    अस्तित्व संग।
  9. मिश्री -सी मीठी

    निबौरी सी- कड़वी

    अनंत यादें।
  10. शब्दों की सीमा

    पाट नहीं पाती ये 

    यादों की नदी।

1 प्रतिक्रियाएँ

  1. Anita Lalit (अनिता ललित )

    सीमा जी, बहुत अच्छा लगा आपको अपने ब्लॉग में देखकर! उत्साहवर्धन का बहुत-बहुत आभार! ऐसे ही मिलते रहिएगा ! 🙂
    बहुत सुंदर हाइकु हैं… यादें तो बहुत कुछ समेटे हुए रहतीं हैं.. पूरी ज़िंदगी का ख़ज़ाना .. यादें.. 🙂

    ~सादर
    अनिता ललित

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