सीमा स्मृति का रचना संसार

‘कैसे कहूँ क्‍यों…….?

गरिमा, आज तुम फिर लेट हो गई, क्‍या हुआ? क्‍या बताऊ यार हम वर्किगं लेडीज की बहुत-सी समस्‍याएँ हैं। पहले तो आज सुबह आँख देर…

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परेशानी

पत्‍नी: आपको मालूम है, आज रात नौ बजे टी वी में आंतक एंवम् आंतकवादियों पर विशेष कार्यक्रम दिखाया जाएगा| वही आंतकवादी जिन्‍होने दिल्‍ली, अहमदाबाद और…

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एतबार

तुम भी कहते रहे, हम भी कहते गए रिश्‍ता हमारे बीच अब कुछ भी नहीं फिर क्‍यों धड़कने लगता है दिल जब भी तस्‍वुर में…

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