नव वर्ष
ये नया साल दे खुशियाँ हजार आए नयी बहार हों नए रास्ते यूँ ही बढ़ता जाए हाइकु परिवार ।
रचना पढ़ें : नव वर्ष
ये नया साल दे खुशियाँ हजार आए नयी बहार हों नए रास्ते यूँ ही बढ़ता जाए हाइकु परिवार ।
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वो सर्दी की सुबह थी। मैं रूटीन की तरह बैंक के लिए निकली थी। ये रूटीन भी क्या कमाल की चीज है। कभी कभी तो…
रचना पढ़ें : लाटरी
हम बहुत देर से ट्रैफिक जाम में फसे थे। एक घँटे से ज्यादा हो गया था मगर कार एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी थी…
रचना पढ़ें : सो स्वीट………
सुनो दस्तक बदला है मौसम आई दिवाली दीपों की थाली आशाओं से सजाई बांटो मिठाई पथ के साथी ! हो शुभ दीपावली मिले बधाई दीपों…
रचना पढ़ें : दीपमालिका
1 धूप- किरन बन नव जीवन आई आँगना । 2. धरा -ओढ़नी पहन सातों रंग है पिया संग। 3. हुई पगली बादल की सहेली करे…
रचना पढ़ें : धूप
बदले रंग जीवन सतरंगी ये पगडण्डी । साँसो की लय थिर मन मयूर दे नये रंग। शब्द गुलाल भावों की पिचकारी हाइकु डारी। बरसे रंग…
रचना पढ़ें : ये जीवन के रंग
फूल बनके खिली, जूही की कली महकी फिज़ा । झोंका हवा का छू कर, यूँ गया कि झूमें ज़िन्दगी । पड़े फुहार घिर आए हैं…
रचना पढ़ें : झूमें ज़िन्दगी