- कान्हा ने खाई
माई सृष्टि दिखाई
लीला रचाई। - माटी से बने
मिलेंगे माटी ही में
क्यों हैं अन्जान । - माटी का मोल
जीवन अनमोल
योद्धा के बोल। - ललाट लगी
माटी देश की शान
बढ़ाती मान। - सौंधी ये गंध
करे बावला मन
देती जीवन। - हो ये बावरी
क्यों बनी किरकिरी
जीवनदात्री। - हैं खेले खेल
बचपन की साथी
अब ना भाती। - रूप अनेक
ये कारी भूरी लाल
देती दुलार।
28.05.2014


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