- हवा से हल्की
बचपन की साथी
क्यों खो जाती। - कभी कटीली
लिपटी चश्नी संग
बदले रंग । - आंखो से बोले
राज दिल के खोले
ये हौले-हौले।
- सभी पढ़ते
ये बेबस मुस्कान
बन अन्जान। - करे हैरान
कभी ये परेशान
फीकी मुस्कान।
- पहाड़ी नदी
सी, बहती जाए
मिठू मुस्कान। - तहों में करे
कैद, दिल के राज
ये भी अंदाज। - ये जहरीली
करे दिल पे वार
यूं बार-बार।
- जूही की कली
महकाती आंगन
भोली मुस्कान। - कभी ये आये
कभी सिमट जाये
खोजी मुस्कान ।


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