मुस्‍कान

  1.  हवा से हल्‍की

     बचपन की साथी

     क्‍यों खो जाती।
  2.  कभी कटीली

     लिपटी चश्‍नी संग

     बदले रंग ।
  3.  आंखो से बोले

     राज दिल के खोले

     ये हौले-हौले।

      
  4.  सभी पढ़ते

     ये बेबस मुस्‍कान

     बन अन्‍जान।
  5.  करे हैरान

    कभी ये परेशान

    फीकी मुस्‍कान।

     
  6. पहाड़ी नदी

    सी, बहती जाए

    मिठू मुस्‍कान।
  7. तहों में करे

    कैद, दिल के राज

    ये भी अंदाज।
  8. ये जहरीली

    करे दिल पे वार

    यूं बार-बार।

     
  9. जूही की कली

    महकाती आंगन

    भोली मुस्‍कान।
  10. कभी ये आये

    कभी सिमट जाये

    खोजी मुस्‍कान  ।

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