लघुकथा
‘भविष्य’ उस दिन आफिस में मुहरम की छुटी थी । सर्दी के मौसम में सूरज देवता की पूरी मेहरबानी होने का मतलब है , कुछ…
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‘भविष्य’ उस दिन आफिस में मुहरम की छुटी थी । सर्दी के मौसम में सूरज देवता की पूरी मेहरबानी होने का मतलब है , कुछ…
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सर्दी का अर्थ, गरम रजाई में कविता करते शब्दों में नहीं, ठिठुरता, ऐस्सी कारो के दरवाजों से नहीं झंकता, शरीरों की गर्मी से नहीं मिटता,…
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यूज एंड थरो की संस्कृति प्रयोग करो और फेंक दो डिब्बे, इंसान या भावनाएं इन्हें साथ लेकर चलना आसान है उससे भी ज्यादा आसान है…
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‘समय की धारा’ गम के साये में समझ पाये, कौन अपने हैं कौन है पराये। पिघली बर्फ,नदी हो गई, मिल सागर से, तूफान में तबदील…
रचना पढ़ें : शीर्षक रहित रचना
साथियों नये दशक ने दी है दस्तक , कुछ तो मुस्कराओ, कम करो शिकायतें, कुछ तो परिवर्तन लाओ, करो मनन, बम कम, इंसानियत कुछ तो…
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आज का युग फंडो पर आधारित है । कृपया अपना अपना फंडा शेयर करें और जीवन के आंनद का मजा ले ।
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बाबा का फंडा: जी क्या मिला नया फंडा
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सब खामोशा हैं कोई कुछ नहीं कह रहा क्या है जीने का फंडा
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