- भोर का शोर
यूँ घोलता मिठास
झूमे आकाश। - भोर का रंग
दे उम्मीदों के पंख
भरो उड़ान । - यूँ गई साँझ
सूरज को दे काज
लाये उजास । - ख़ामोश भोर
लिये मीठी मुस्कान
हरे थकान। - भोर सहेली
तुम नहीं अकेली
थमो हथेली। - झाँकती भोर
लगी गुनगुनाने
मीठे तराने। - खोजती आँखें
करती इंतजार
भोर त्यौहार । - भोर -आँगना
सजा नया सपना
होगा अपना । - कहे ये भोर
हों मज़बूत स्तम्भ
न करें दंभ। - कहती भोर
भौंरे सी खोज रही
आस का फूल। - नन्हें शिशु-से
है लगे मचलने
नये सपने।


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