कैसा लगा दीमक आज समाज में गलने लगा, सड़ने लगा हर रिश्ता! संबंध !एहसास गुरू-शिष्य पति-पत्नी बाप-बेटी भाई-भाई भाई-बहन जनता-नेता चीखते पुकारते करते हैं सवाल कहां से आया दीमक खोजो इलाज वरना बिखर जाएगा टूट जाएगा मिट जाएगा---- समाज क्या देगें हम अपनी नस्लों को क्या सिर्फ दुर्गन्ध रूक जाओ ---- ठहर जाओ ---- थम जाओ ----- खोजो इलाज---- बचा लो ये टूटता-बिखरता समाज बचा लो - बचा लो खुद ही को इस दीमक से। सीमा स्मृति चित्र गुगल प्रभार



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