फीकी –सी धूप ठीक, उस फीकी सी मुस्कान सी जो सिमट जाती है माँ के चेहरे पर करती बेस्ट ऑफ लक जवान बेटे को,हर रोज नया इन्टरव्यूह देने जाते वक्त । वो फीकी मुस्कान--- शादी के इश्तिहारों में खोजती बेटी का भविष्य । वो फीकी मुस्कान--- रिटायर पति को देती दिलासा देख बैंक पास बुक का बैलेंस । जिन्दगी जीने की नसीहतें!उपाय,!आइडिया! टेलीविजन के चैनलों पर देख सिमट जाती है “वही फीकी मुस्कान” काश जिन्दगी होती इतनी ही आसान । सीमा स्मृति


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