- दुख बादल
सुख उड़ता पंछी
यात्रा अनंत। - युगों युगों से
ढूढ़ता मुसाफिर
कहॉं मंजिल। - दुखी रहना
प्रवृत्ति है मन की
ना हो आवृत्ति। - दुःख में अश्क
बहें या थम जाएं
कोई बताये। - शब्दों की गूंज
खामोशी में दफन
करती प्रश्न। - रचना कृति
जीवन तरंग से
कैसे है रीति! - जीवन ताल
बजाता खड़ताल
मन विशाल। - रंग ही रंग
बिखेरे अंग संग
मनतरंग। - पीली सरसों
हरे भरे खेतों में
मूक कोयल। - ये एहसास
खिली खिली सी धूप
सुखद जाल।


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